कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ सीमित, शिमला एवं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन एवं ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण विषय पर आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

इस अवसर पर, उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग को समन्वय से कार्य करना चाहिए। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का एक अभिन्न अंग है। पशुपालन के माध्यम से किसान अपनी आय में और वृद्धि कर सकते हैं। प्रदेश सरकार पशुधन को घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।


उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ तथा पशुपालन विभाग परस्पर समन्वय और सहयोग से कार्य करंे जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में पर्याप्त बढ़ोतरी की जा सके। उन्होंने प्रदेश में गुणात्मक दुग्ध की खरीद पर विशेष बल देते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी सहकारी समितियों को सुदृढ़ किया जाना चाहिए।


इस परिचर्चा में सचिव पशुपालन राकेश कंवर, हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ सीमित के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा और प्रबंध निदेशक भूपेंद्र अत्री ने विचार साझा किए।


इस अवसर पर निदेशक पशुपालन प्रदीप शर्मा ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया।


इस परिचर्चा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए दुग्ध उत्पादक समितियों के सदस्यों, दुग्ध उत्पादकों एवं प्रसंघ के निदेशकों ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। https://www.tatkalsamachar.com/shimla-asian-development-banks-prf-mission/

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