ऊना : जिला में जल शक्ति विभाग के तहत वर्ष 2000 से पहले स्थापित की गई करीब 19 पेयजल योजनाओं को 155 करोड़ की राशि से जीर्णोद्धार करके जनता को राहत प्रदान करने का काम किया जा रहा है। जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों की इन योजनाओं का जीर्णोद्धार करते हुए पेयजल आपूर्ति की सुरक्षा को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। जल शक्ति विभाग द्वारा जीर्णोद्धार कार्यों को लेकर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है और टेंडर अवार्ड की प्रक्रिया समाप्त होते ही विभाग ने युद्धस्तर पर इस काम को करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिला ऊना के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में जलशक्ति विभाग द्वारा वर्ष 2000 से पहले बनी 19 पेयजल योजनाओं का 155 करोड़ रुपए से जीर्णोद्धार करने का खाका तैयार किया गया है। इन योजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक धनराशि उपलब्ध करवा रहा है जिसके लिए जल शक्ति विभाग द्वारा सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। महज एक पखवाड़े के अंदर यह सभी काम विभाग द्वारा अवार्ड करने की भी योजना पर काम किया जा रहा है। जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने बताया कि करीब 22 वर्ष पहले स्थापित की गई है पेयजल योजनाएं काफी खस्ता हालत में हैं, जिसके चलते इनका जीर्णोद्धार किया जाना बेहद जरूरी था। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं में 3 ऊना विधानसभा क्षेत्र, 4 हरोली, 3 कुटलैहड़, 5 चिंतपूर्णी और 4 योजनाएं गगरेट में स्थापित की गई थी। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए इन योजनाओं का विशेष महत्व रहा है, इसी के चलते इन्हीं योजनाओं का जीर्णोद्धार करते हुए इन्हें फिर से पहले जैसी क्षमता के साथ जलापूर्ति के लिए तैयार किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि जलशक्ति विभाग द्वारा वर्ष 2000 से पहले स्थापित की गई इन योजनाओं के जीर्णोद्धार 155 करोड रुपए खर्च कर इन्हे फिर से चुस्त दुरुस्त किया जाएगा।

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