ऊना : हरोली हल्के के दुलैहड़ में हुए रविंद्र कुमार हत्याकांड मामले पर राजनीति लगातार उफान पर चल रही है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता आयोजित करते हुए हिमाचल प्रदेश में सिस्टम नाम की किसी भी चीज के होने से पूरी तरह से इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सीमांत जिला इस वक्त अपराध की राजधानी बन कर रह गया और हालत यह है कि जहां पर माफिया शूटर और गैंगस्टर दिनदहाड़े दन दना रहे हैं और लोगों को सरेआम सड़कों पर गोलियां मारी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि कहलाने वाले हिमाचल में यह क्या कुछ चल रहा है इसको लेकर प्रदेश सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने इस हालात को पूरी तरह सरकार की नाकामी करार दिया है।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पत्रकार वार्ता करते हुए रविंद्र कुमार हत्याकांड मामले को लेकर सरकार को जमकर कोसा है। बुधवार शाम पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश भर में हालात बेकाबू हो चुके हैं सरकार और तंत्र नाम की कोई चीज यहां पर दिखाई नहीं देती। हालत यह है कि शूटर और माफिया दनदनाते फिर रहे हैं और दिनदहाड़े लोगों को बीच सड़क गोली मारकर मौत के घाट उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊना जिला हिमाचल प्रदेश की आपराधिक राजधानी बन गया है और यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने कहा कि हालत अब यह है कि चिट्टा नाम का नशा प्रदेश के सीमांत क्षेत्र ही नहीं बल्कि अब तो जनजातीय क्षेत्रों तक भी अपनी पकड़ बना चुका है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाल ही में घटी घटनाओं को लेकर जो लोग पत्रकार वार्ताएं कर रहे हैं उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक घर का चिराग बुझ गया, मां का बेटा चला, गया पत्नी का पति चला, गया बच्चों ने पिता को मार दिया गया लेकिन भाजपा के लोग इस मामले को जस्टिफाई करने में जुटे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने शिमला के गुड़िया कांड को याद करते हुए कहा कि उस वक्त मोमबत्ती लेकर चलने वाले लोग राजनीति कर रहे थे लेकिन यदि हम आवाज उठा रहे हैं तो उसे राजनीति बताया जा रहा है। मुकेश ने कहा कि जो लोग हमे इन मामलों पर राजनीती करने की बाते कर रहे है उन्हें यह बता देना चाहता हूँ कि मौत का ग्रास बने तीन लोग कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे।

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